EMI कैलकुलेटर — लोन की किस्त निकालें
₹8,997
Monthly EMI
₹11,59,342
Total interest
₹21,59,342
Total payment
EMI यानी हर महीने चुकाई जाने वाली किस्त, जिसमें मूलधन और ब्याज दोनों शामिल होते हैं। लोन लेने से पहले यह जान लेना ज़रूरी है कि हर महीने कितना देना होगा और पूरी अवधि में कुल कितना ब्याज चुकाना पड़ेगा। यह कैलकुलेटर तीन जानकारियों से यह निकाल देता है — लोन की रकम, सालाना ब्याज दर, और अवधि महीनों में। सारी गणना आपके ब्राउज़र में होती है, कोई जानकारी कहीं नहीं भेजी जाती।
कुल ब्याज पर ध्यान दीजिए, सिर्फ EMI पर नहीं
लंबी अवधि चुनने पर EMI कम दिखती है और लोन आसान लगता है, लेकिन कुल ब्याज कहीं ज़्यादा हो जाता है। उदाहरण के लिए बीस साल की जगह तीस साल का होम लोन लेने पर मासिक किस्त तो घट जाती है, पर पूरी अवधि में चुकाया गया ब्याज काफी बढ़ जाता है। इसलिए अवधि बदलकर देखिए कि EMI और कुल ब्याज दोनों पर क्या असर पड़ता है, और वही चुनिए जो आपकी मासिक आमदनी के हिसाब से निभ सके।
असली दर वह नहीं जो विज्ञापन में दिखती है
बैंक जो ब्याज दर बताते हैं, उसके अलावा प्रोसेसिंग फीस, बीमा और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं, जिनसे असली लागत बढ़ जाती है। साथ ही फ्लोटिंग दर वाले लोन में दर समय के साथ बदलती रहती है, इसलिए आज निकाली गई EMI आगे बदल सकती है। यह कैलकुलेटर बताई गई दर पर सटीक गणित करता है — अतिरिक्त शुल्क अलग से जोड़कर देखिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- EMI kaise calculate hoti hai?
- EMI मूलधन, मासिक ब्याज दर और महीनों की संख्या से एक तय सूत्र द्वारा निकाली जाती है। आप बस तीनों जानकारी भरिए, नतीजा तुरंत दिख जाएगा।
- क्या यह कैलकुलेटर सही नतीजा देता है?
- हाँ, यह मानक EMI सूत्र इस्तेमाल करता है। बैंक की अंतिम राशि प्रोसेसिंग फीस और बीमा जैसे शुल्कों की वजह से थोड़ी अलग हो सकती है।
- क्या मेरी जानकारी कहीं सेव होती है?
- नहीं। पूरी गणना आपके ब्राउज़र में होती है और कोई आँकड़ा किसी सर्वर पर नहीं भेजा जाता।
- अवधि बढ़ाने से क्या होता है?
- मासिक EMI घट जाती है, लेकिन पूरी अवधि में चुकाया गया कुल ब्याज बढ़ जाता है। दोनों को साथ देखकर फैसला कीजिए।
- क्या शून्य ब्याज पर भी काम करता है?
- हाँ। नो-कॉस्ट EMI जैसे मामलों में दर शून्य रखिए — ऐसे में EMI बस रकम को महीनों से भाग देकर निकलती है।
- प्रीपेमेंट करने पर क्या फायदा है?
- समय से पहले भुगतान करने पर मूलधन घटता है, जिससे आगे का ब्याज कम हो जाता है। यह कैलकुलेटर मूल EMI बताता है; प्रीपेमेंट का असर अलग से देखना होगा।